Sunday, January 17, 2010

ज्योतिबाबू चल दिए

पकड़ काल का हाथ

माकपा के साथ ही

छोड़ा जग का साथ

राजनीति में अब नहीं

मिलते ऐसे लोग

सदा दूर जिनसे रहा

भ्रष्ट्राचार का रोग

जीवन भर करते रहे

अपने कर्म निष्काम

अजय निवेदित कर रहा

तुमको लाल सलाम

Tuesday, August 11, 2009

Friday, July 3, 2009

एक दिन भोले खा के गोले
बोले सुनो भवानी
कलयुग में संबंधों की
होगी नई कहानी
नर से नर ब्याहेगा
नारी के संग नारी
संतानों के आगे होगी
माँ बाप की लाचारी
देखो एक दिन ऐसा भी
नया ज़माना आएगा
कोयल होगी कर्कश
कौवा गाना जायेगा